सुपौल : केसीसी की जटिल प्रक्रिया से किसान परेशान, बटाईदार वंचित रह रहे लाभ से
सुपौल, जून 4 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि। किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना जमीनी स्तर पर जटिल प्रक्रियाओं के कारण प्रभावी साबित नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप किसान अभी भी पांच रुपये प्रति सैकड़ा जैसे ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर हैं। यह भी पढ़ें- मत्स्य पालकों को मिलेगा किसान क्रेडिट कार्ड का लाभकिसानों की मुश्किलें जानकारी के अनुसार केसीसी का लाभ लेने के लिए किसानों को भूस्वामित्व प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना पड़ता है। इसी प्रक्रिया के आधार पर बैंक ऋण स्वीकृत करता है। लेकिन क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान या तो सीमित जमीन के मालिक हैं या बटाईदारी पर खेती करते हैं, जिससे उनके लिए यह प्रमाणपत्र बनवाना लगभग असंभव हो जाता है। जिले की लगभग 90 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर...
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