सुपौल, जून 25 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। सरकारी विद्यालयों में छात्रों की कम उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा नई व्यवस्था लागू की गई है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रभारी शिक्षकों से जवाब-तलब किया जाएगा।

शिक्षकों की जिम्मेदारी शिक्षकों को यह भी स्पष्ट करने को कहा जाएगा कि विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए। गौरतलब है कि विद्यालयों में कम से कम 75 प्रतिशत छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करवाने को लेकर विभाग ने गाइडलाइन जारी किया है। शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों से सीधे संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्र...