सुपौल, जनवरी 28 -- छातापुर, एक प्रतिनिधि। शब-ए-बरात को इबादत, दुआ और मगफिरत की रात बताते हुए सदर पंचायत के बड़ी नरहैया स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया अबु हुरैरा के मोहतमीम मौलाना असगर अली ने कहा कि इस पाक रात का हर मुसलमान को एहतराम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस रात अपने बुजुर्गों और पूर्वजों के लिए खुदा से मगफिरत की दुआ मांगना बेहद फज़ीलत रखता है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों, खानकाहों, मजार शरीफ और घरों में तिलावते कुरान शरीफ, नफल की नमाज़ और जिक्र-अजकार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि रसूल-ए-खुदा पैगम्बर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने शब-ए-बरात की रात को इबादत की रात करार दिया है और यह वह रात है, जब दुआएं कबूल होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि शब-ए-बरात की रात इबादत करने से साल भर के गुनाहों की माफी मिलती है। पैगम्बर मोहम्मद मुस्...