सुपौल, जनवरी 24 -- सुपौल, एक संवाददाता। सदर प्रखंड के बरुआरी पश्चिम गांव में शतचंडी महायज्ञ हवन तथा प्रवचन से पूरे क्षेत्र भक्ति के संगम में डूबा रहा । अपने प्रवचन में महाराजजी ने कहा कि समस्त दृष्टि देवी का घर है, जैसे मनुष्य अपने घर की देखभाल करता है, आवश्यकता अनुसार उसमें निर्माण आदि अधिकार संपन्न करता है, ठीक उसी तरह श्रीदुर्गा इस संसार केनिर्माणादि में समय-समय पर यथायोग व्यवस्था करती है । यही कारण है कि जब-जब दुनिया में राक्षसों का भयंकर प्रकोप बढ़ता है ,सनातन धर्म के विपरीत आंचल स्त्रियों का शीलहरण ,चोरी, हत्या, आगजनी ,धन हरण ,स्त्री हरण ,शराबपान, मांस भक्षण ,गो हत्या, विप्र हत्या, देवालयों को नष्ट करना, माता-पिता का तिरस्कार ,गुरु का अपमान ,देव निंदा ,बड़े बुजुर्गों को दंडित करना ,वेद शास्त्र पुराने को जलाना, आगजनी, कदाचार, भ्रष्टा...