नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक की 16 अधूरी हाउसिंग परियोजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने इन परियोजनाओं की निगरानी कर रही सुप्रीम कोर्ट समिति को दो हफ्ते में प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। यह निर्देश तब आया जब घर खरीदारों ने एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष पहले तय की गई समय-सीमा से अधिक देरी की शिकायत की। अपीलीय न्यायाधिकरण ने गौर किया कि 6 मई, 2026 के अपने पिछले आदेश के अनुसार, परियोजनाओं पर काम सौंपने की प्रक्रिया 31 जुलाई, 2026 से पहले शुरू होनी थी और उसके एक महीने में निर्माण कार्य शुरू होना था, लेकिन इन समय-सीमाओं का पालन नहीं किया गया है। यह भी पढ़ें- परियोजना के ब्रोशर में किया वादा निभाना होगा : सुप्रीम कोर्ट ...