नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- पंकज त्रिपाठी, चर्चित अभिनेता छठ पर्व अब देश-दुनिया में जगह-जगह मनाया जाने लगा है, मगर इस मौके पर अपना परिवार, समाज, गांव और प्रकृति- सब कुछ याद आने लगता है। सामूहिकता में मनाया जाने वाला यह ऐसा पर्व है, जिसमें प्रकृति की पूजा होती है। डूबते और उगते हुए सूर्य को इसमें नमन किया जाता है। अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना किसी अन्य त्योहार में कहां होती है! व्रती जलाशय में खड़े होते हैं, पानी में। पूरा परिवार इस मौके पर इकट्ठा होता है, यहां तक कि कमाने के लिए परदेश गए परिजन भी लौटकर गांव आते हैं। मेरे घर में भाभी व्रत रखती हैं। दो साल पहले मैं छठ के मौके पर पटना में था। मगर बाद में अपनी व्यस्तताओं की वजह से घर नहीं जा सका। हालांकि, पिछले साल मुंबई के जुहू बीच पर जरूर गया था। आज भी घाट पर जाने की कोशिश करूंगा। छठ मेंअपना गा...