देहरादून, सितम्बर 3 -- उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं पर 5900 करोड़ का भार डालने का ऊर्जा निगम का प्रस्ताव स्वीकार हुआ तो उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली की गाज गिरना तय है। एक आकलन के अनुसार, इन 5900 करोड़ की रिकवरी के लिए बिजली का मूल्य कुछ समय तक प्रति यूनिट तीन रुपये तक बढ़ सकता है। दरअसल, बुधवार को विद्युत नियामक आयोग में इस मुद्दे पर सुनवाई हुई थी। जनता की ओर से विरोध जताने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रतिनिधि राजीव अग्रवाल अपने एक सहयोगी के साथ पहुंचे थे। उन्होंने दो टूक कहा कि 25 साल बाद जनता क्यों इस अतिरिक्त भार को सहन करे। जिस संपत्ति ट्रांसफर की बात की जा रही है, उसके धरातल पर जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इस मामले में उपभोक्ता का हित देखा जाए। यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में बारिश बनी काल: तीन बच्चों समेत ...