नई दिल्ली, जुलाई 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 10 साल पुराने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी की सजा को घटाने का निर्णय लिया गया है। इसकी वजह न्यायाधीशों ने सुधार की गुंजाइश को बताया है। दोषी की तरफ से ही शीर्ष न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी। वहीं, अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि उसका आचरण जेल में अच्छा रहा है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की थी। उच्चतम न्यायालय ने 2016 में दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिए गए व्यक्ति की उम्रकैद की सजा सोमवार को घटाकर 20 साल जेल की सजा में तब्दील कर दी। शीर्ष अदालत ने दोषी व्यक्ति को छूट का लाभ देते हुए कहा कि उसमें सुधार की गुंजाइश है, क्योंकि उसने यह अपराध तब किया था, जब वह महज 25 साल का था। न्यायमूर्ति संजय क...