औरैया, जनवरी 16 -- भिखरा, संवाददाता। बिधूना विकासखंड की ग्राम पंचायत भिखरा के मजरा खरगपुर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा के अंतिम दिन सरस कथा वाचिका लाली शास्त्री ने सुदामा चरित का प्रसंग सुनाया। कृष्ण-सुदामा की मित्रता को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किए जाने पर श्रोता भावविह्वल हो उठे। कथा वाचिका ने कहा कि सच्ची मित्रता का उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के संबंध में मिलता है। पत्नी के आग्रह पर सुदामा जब द्वारिका पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें भिक्षु समझकर रोक लिया, लेकिन जब श्रीकृष्ण ने सुदामा का नाम सुना तो वे दौड़कर द्वार पर आए और उन्हें हृदय से लगा लिया। कथा के दौरान पंडाल में बैठे श्रद्धालु ''कन्हैया-कन्हैया'' के जयघोष के साथ रस-भाव में डूबे रहे। कार्यक्रम में परीक्षित कमला देवी, महेशचंद्र राजपूत, ध्रुव कुमार...
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