कन्नौज, जनवरी 13 -- तालग्राम, संवाददाता। क्षेत्र के कुशलपुरवा गांव स्थित बाबा ब्रह्मदेव स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और उनके बालसखा सुदामा की अनुपम मित्रता का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा वाचक आचार्य विजय शंकर शास्त्री ने बताया कि सुदामा निर्धनता में जीवन व्यतीत करते हुए भी सच्चे भक्त थे। पत्नी के आग्रह पर वे भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे और प्रेमपूर्वक लाए गए चिवड़े प्रभु को अर्पित किए। अपने सखा की दीन-हीन अवस्था देखकर भगवान श्रीकृष्ण की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा का अत्यंत सम्मान किया और उनके चरण धोकर सच्ची मित्रता, समानता और करुणा का संदेश दिया। सुदामा ने कभी भी प्रभु स...