आजमगढ़, मार्च 23 -- आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को आदिशक्ति के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। लोगों ने विधि-विधान से पूजन कर मातारानी से परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। कहा जाता है कि भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण देवी के पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता कहा गया। सिंह पर विराजमान चार भुजाओं वाली स्कंदमाता ममता और ज्ञान का प्रतीक हैं। माता का यह रूप भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है। वे अपनी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय को लिए रहती हैं। घरों में कलश स्थापित कर पूजन कर रहे भक्तों ने मातारानी को केला का विशेष भोग लगाया। घरों में सुबह-शाम देवी के मंत्र गूंजते रहे। शहर के मुख्य चौक स्थित दक्षिणम...