ललितपुर, मार्च 17 -- श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए तीर्थ चकवर्ती मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि पर आलम्बन के बिना व्यक्ति जी नहीं सकता और इसको छोड़े बगैर कल्याण नहीं है। जीवन में अपने मन को प्रसन्न रखो, सौभाग्य मानो कि हम अपने मन को दुखी नहीं करेंगे और अच्छा सोचेंगे। मुनि श्री ने जीवन को धर्म से जोड़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अपना समय व्यर्थ मत गंवाओ। प्रभु की भक्ति स्वाध्याय से जुड़ने से जीवन में शान्ति और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। जैन दर्शन कहता है कि यह मनुष्य जन्म तुम्हें कई जन्मों के पुण्य से मिला है, इसका उपयोग करो बुरे कार्यों पर न तो सोंचो और न ही करो। धर्म ही सद आचरण और अच्छे बुरे की पहचान देता है। प्रकृति मां है। वह गलत वस्तु का निर्माण नहीं करती। हर वस्तु में गुण हैं, इसलिए पहचान...