गोड्डा, फरवरी 1 -- पथरगामा प्रतिनिधि। पथरगामा प्रखंड अंतर्गत सुंदरमोड़ स्थित सुंदर नदी तट पर शनिवार को संतमत सत्संग के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आरंभ होते ही पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बन गया, जहां बड़ी संख्या में सत्संग प्रेमी उपस्थित होकर प्रवचन का लाभ उठाते देखे गए। अधिवेशन को संबोधित करते हुए स्वामी वेदानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका मुख्य उद्देश्य ईश्वर भक्ति, आत्मचिंतन एवं सदाचार का पालन करना है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहा है, जिससे मन अशांत और जीवन तनावपूर्ण होता जा रहा है। सत्संग ही वह माध्यम है जो मन को शांति, संतुलन और सही दिशा प्रदान करता है। स्वामी जी ने आगे कहा कि "सत्संग से मनुष्य के विचार शुद्ध हो...