मिर्जापुर, जून 14 -- लालगंज। क्षेत्र के दीवानपुर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रही रामकथा के छठवें दिन शनिवार को कथावाचक धरमजी महाराज ने सुंदरकांड का वर्णन किया। उन्होंने हनुमान के समुद्र लांघने, माता सीता की खोज तथा लंका दहन के प्रसंग को सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक ने कहा कि जामवंत के उत्साहवर्धन पर हनुमानजी ने अपने बल का स्मरण किया और विशाल रूप धारण कर समुद्र पार करने का संकल्प लिया। मार्ग में मैनाक पर्वत, सुरसा और सिंहिका की बाधाओं को पार करते हुए वे लंका पहुंचे। वहां सूक्ष्म रूप धारण कर माता सीता की खोज की और अशोक वाटिका में उनका दर्शन किया।उन्होंने यह भी पढ़ें- माता जानकी की विदाई सुन नम हुई आंखें, राम विवाह उत्सव में झूमे श्रद्धालु बताया कि हनुमान जी ने श्रीराम की मुद्रिका देकर माता सीता को प्रभु का ...