सीवान, मार्च 3 -- जीरादेई, एक संवाददाता। प्रखंड के तीतिरा टोले बुद्धनगर बंगरा गांव में स्थित तीतिर स्तूप व हिरण्यवती नदी समीप आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध के अंतिम उपदेश की गूंज को देखते हुए एक ओर जहां इस स्थल को बौद्ध भिक्षुओं से जुड़े आस्था का केंद्र बनाने का प्रयास जोरों पर है ,वही जिले का विदेशी पर्यटकों के हब के रूप में विकसित करने की भी प्रयास की जा रही है । सोमवार को सीवान पहुँची वियतनाम की बौद्ध भिक्षुणी बोधिचिता माता, धम्मा चिता,भंते विशाल गया के डा अशोक भंते ने प्रवर्तक विहार था और तितिर स्तूप स्थित बौद्ध मंदिर में पूजा - अर्चना की। तीतिर स्तूप के समीप बुद्ध की निर्माण मुद्रा में प्रतिमा लगाने की पहल की। बोधिचिता माता ने इस स्थल से धम्म यात्रा निकालने का भी प्रस्ताव दिया है। वियतनाम देश के भन्ते धम्मा चिता ने उम्मीद जताई...
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