रांची, मार्च 17 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) में ट्राइबल स्टूडेंट्स कल्चरल एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को सरहुल पूर्व संध्या महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति के प्रति आस्था का मनोहारी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सांग मेधकर ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महोत्सव के दौरान 12 परहा, टंगरबांसली, नगरा, मनातू और सीयूजे की खोड़हा टीम ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों में सरहुल पर्व की झलक, प्रकृति पूजा, सामुदायिक एकता और आदिवासी जीवनशैली की अनूठी छवि देखने को मिली।कार्यक्रम में बड़ी सं...