रांची, दिसम्बर 1 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग और अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग की ओर से भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) प्रायोजित दो सप्ताह के सामाजिक विज्ञान में मात्रात्मक और गुणात्मक शोध प्राविधि पर क्षमता विकास कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को हुई। इसमें विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो सीबी शर्मा ने बताया कि वह नई शिक्षा नीति (एनईपी) से शुरुआत से जुड़े हुए हैं और उसके कार्यान्वयन को करीब से देखा है। कुछ प्रश्न उन्होंने रखे जिससे शोध और शिक्षा दोनों बेहतर हो सकें। उन्होंने कहा कि नीति एक जरूरी अंग है शोध का जो उसको रास्ता दिखाती है। नीति और योजना एक दूसरे के पूरक हैं। इसलिए हमेशा भारत की सारी नीति, आयोगकों की रिपोर्ट, योजना और कार्यक्रम को पढ़...