गया, मई 17 -- दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के राजर्षि जनक केन्द्रीय पुस्तकालय के सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. मयंक युवराज ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में विशिष्ट पहचान हासिल की है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और चिकित्सा पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके अग्रणी शोध योगदान को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। उनका शोध आलेख "चैटजीपीटी इन मेडिकल लाइब्रेरीज, पॉसिबिलिटीज एंड फ्यूचर डिरेक्शंस; एन इंटीग्रेटिव रिव्यु" प्रतिष्ठित हेल्थ इनफार्मेशन एंड लाइब्रेरीज जर्नल में प्रकाशित सर्वाधिक देखे गए शीर्ष 10 प्रतिशत शोध पत्रों में चयनित किया गया है। यह सम्मान विश्वप्रसिद्ध अकादमिक प्रकाशन संस्था वाइली तथा हेल्थ लाइब्रेरीज ग्रुप ऑफ द चार्टर्ड इंस्टिट्यूट ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन प्रोफेशनल्स (सीआईएलआईपी) की ओर से प्रदान किया गया है। डॉ. युवराज का शो...