बलरामपुर, जुलाई 8 -- हर्रैया सतघरवा। नेपाल सीमा से सटे रतनवा गांव के मजरा अतरपरी में आजादी के दशकों बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। करीब 50 घरों की लगभग 300 की आबादी आज भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्युतीकरण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने गांव का शीघ्र विद्युतीकरण कराने की मांग की है। यह भी पढ़ें- फिल्म स्वदेश याद होगी! भारत के आखिरी गांव में पहली बार बिजली आई तो छलक पड़े आंसू, नेपाल पर हैं निर्भर

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