सीतामढ़ी, अप्रैल 16 -- परिहार। प्रखंड क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कन्हवां बाजार आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह बाजार आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन विकास के मामले में यह क्षेत्र अब भी पिछड़ा हुआ है। यहां सड़क, पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं अब तक पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई। बाजार तक पहुंचने वाली सड़कें कई जगहों पर जर्जर और कच्ची हैं। बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। बाजार में कोई समुचित स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध नहीं है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों 10 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिहार या निजी क्लीनिक का सहारा लेन...
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