नई दिल्ली, अगस्त 18 -- अंतरराष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के आसपास नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर पूर्व सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य होगी। इस संबंध में नए दिशा निर्देशों के मुताबिक सीमा से एक किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं की कोई गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी।

सीमा से 50 किलोमीटर तक की सुरक्षा मंजूरी सीमा से 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में प्रस्तावित सभी सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य होगी। वहीं, सीमा से 1 से 20 किलोमीटर के बीच आने वाली परियोजनाओं के लिए रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी लेना होगा। सभी प्रस्तावों की मंजूरी प्रत्येक मामले की सुरक्षा संवेदनशीलता के आधार पर की जाएगी। ...