बरेली, सितम्बर 21 -- सीबीएसई स्कूलों में अब बच्चों के साथ माता-पिता की भी काउंसिलिंग की जाएगी। अभिभावकों को उनके बच्चों के मानसिक तनाव, सेल्फ हार्म और नशे के शुरुआती संकेत को पहचानना सिखाया जाएगा। डिजिटल संवाद की जगह स्कूल प्रशासन अब अभिभावकों से आमने-सामने की बैठकों को प्राथमिकता देने की तैयारी में है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संशोधित पैरेंटिंग कैलेंडर जारी किया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ हुए समझौते को भी शामिल किया है। स्कूल प्रबंधकों को विशेष कार्यशाला में माता-पिता को बच्चों के डिप्रेशन, स्कूल जाने से डरने, व्यवहार में अचानक बदलाव और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे चेतावनी संकेत को पहचानने के बारे में बताने को कहा गया है। यह भी पढ़ें- नशामुक्ति के लिए सीबीएसई की पहल, ऑनलाइन टॉकाथॉन ...