नई दिल्ली, जून 2 -- झारखंड के 17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत, जो सीबीएसई की ऑनलाइन मार्किंग प्रणाली से प्रभावित है, ने मंगलवार को एक संसदीय समिति के सामने क्लास 12 की परीक्षाओं में ऑनलाइन मार्किंग के लिए वेंडर चुनने की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर एक प्रेजेंटेशन दिया। छात्र ने अपने प्रजेंटेशन में कई गंभीर सवाल उठाए, जिससे सीबीएसई बैकफुट पर नजर आई। संसदीय समिति ने स्पष्ट किया कि सीबीएसई को मूल्यांकन में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करनी होगी। समिति की बैठक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होने तक सीबीएसई अधिकारियों को भी अंदाजा नहीं था कि छात्र सार्थक समिति के सामने विस्तृत प्रेजेंटेशन देगा। छात्र द्वारा टेंडर में फेरबदल और कोएम्प्ट कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों पर कई सदस्यों ने ...