अल्मोड़ा, जनवरी 11 -- बागेश्वर, संवाददाता। बागेश्वर संघर्ष समिति और सवाल संगठन का जिला में बंद के आह्वान का मिला जुला असर देखने को मिला। रविवार साप्ताहिक बंद के चलते बाजार हालांकि बंद था, लेकिन कई दुकानें ऐसी थी जो रविवार को बंद नहीं होती थीं, लेकिन इस बार बंद दिखीं। गांव से जिला मुख्यालय आने वाले टैक्सी वाहन अन्य दिनों की अपेक्षा कम आए। बाजार में भी लोगों की आवाजाही ठप रही। संघर्ष समिति के लोग रविवार को सुबह से ही बाजारों में निकले। कई सब्जी की दुकानें, होटल आदि खुले थे। उन्हें बंद करने का आह्वान किया। कुछ लोगों ने उन्हें समर्थन देते हुए दुकानें बंद भी की, लेकिन कुछ दुकानें खुली भी रहीं। समिति अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलवाने को लेकर यह मुहिम छेड़ी गई है। हत्याकांड में मुख्य वीआईपी कौन-कौन है कि जांच सर्...