मेरठ, अक्टूबर 14 -- एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में सीपीआर जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में जागरूकता पैदा करने, प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि सीपीआर एक जीवन रक्षक तकनीक है, जो तब दी जाती है, जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है। यह प्रक्रिया हृदय और फेफड़ों के काम को दोबारा शुरू करने में मदद करती है, जिससे रक्त संचार बना रहता है। सीपीआर दिल का दौरा, डूबने या दम घुटने जैसी स्थितियों में व्यक्ति की जान बचा सकती है। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन धामा ने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले इस अभियान के तहत रोजाना अलग-अलग विभागों में सीपीआर प्रशिक्षण व जागरूकता सत्र आयोजित क...