लखीसराय, अप्रैल 3 -- सीनियर सिटीजन के लिए शहर में नहीं कोई ठिकाना, मंदिर और चबूतरे पर बिताते समय - लाइब्रेरी की इमारतें ऊंची, पहुंच मुश्किल न पार्क, न रीडिंग रूमलखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजूर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। शहर जो विकास के नए आयाम गढ़ने का दावा करता है वहीं अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। शहर में एक भी ऐसा सार्वजनिक स्थान नहीं है जहां बुजूर्ग शांति से बैठ सकें अखबार पढ़ सकें या अपने हमउम्र लोगों के साथ समय बिता सकें। शहर के बुजूर्ग आज एक ऐसी स्थिति में हैं जहां उनके पास समय तो है लेकिन उसे बिताने के लिए कोई उचित स्थान नहीं। न पार्क, न रीडिंग रूम और न ही कोई सीनियर सिटीजन सेंटर यह स्थिति चिंताजनक है। जरूरत है कि प्रशासन औ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.