शामली, जून 29 -- शहर के हनुमान धाम स्थित अग्रसेन भवन में श्री राम लखन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास दीपक महाराज ने सीता हरण प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा व्यास ने बताया कि वनवास के दौरान पंचवटी में रावण की बहन शूर्पणखा ने भगवान श्रीराम से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद उसने माता सीता पर आक्रमण करने का प्रयास किया, जिस पर लक्ष्मण ने उसकी नाक और कान काट दिए। अपमानित शूर्पणखा ने रावण को पूरी घटना बताते हुए माता सीता के सौंदर्य का वर्णन किया, जिसके बाद रावण ने प्रतिशोध लेने और सीता हरण की योजना बनाई। उन्होंने बताया कि रावण ने अपने मामा मारीच को स्वर्ण मृग का मायावी रूप धारण कर पंचवटी भेजा। स्वर्ण मृ...