अमरोहा, अप्रैल 5 -- मंडी धनौरा। शारवीनो महादेव मंदिर की चल रही प्राण प्रतिष्ठा पर चौथे दिन वृंदावन से आए कथावाचक श्रीहित कुलदीप कृष्ण महाराज ने सीता स्वयंवर की कथा का वर्णन किया। रविवार को रामलीला मैदान में चल रही रामकथा में कथावाचक ने कहा कि अयोध्या के राजकुमार राम और उनके भाई लक्ष्मण, गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर की तैयारी की हुई थी। राजा जनक के पास भगवान शिव का धनुष था उनकी प्रतिज्ञा थी कि जो इस धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा देगा उसके साथ सीता का विवाह किया जाएगा। कई राजाओं ने धनुष को उठाने का प्रयास किया मगर वह उसे हिला भी नहीं पाए। भगवान राम ने धनुष देखा, तो उन्होंने उसे उठाया और चढ़ा दिया। धनुष तोड़ने की आवाज सुनकर सभी हैरान रह गए। जनक ने खुशी-खुशी सीता का विवाह राम से कर दिया। कथा के बाद आर...