बस्ती, फरवरी 28 -- नगर बाजार। थानाक्षेत्र के गोयरी समय माता मंदिर पर श्रीराम कथा महोत्सव में महंज गिरजेश दास ने कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि सीता स्वयंबर रामायण की एक महत्वपूर्ण घटना है, जो भगवान राम व सीता के विवाह की नींव है। मिथिला नरेश जनक की पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंबर का आयोजन किया। इस स्वयंबर में एक शर्त रखी गई थी कि जो भी राजकुमार व योद्धा शिव धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाएगा, वह सीता का पति होगा। स्वयंबर में कई राजा-महाराजा शामिल हुए, जिनमें रावण भी था। एक-एक करके सभी ने धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ। अंत में राम ने धनुष को न केवल उठाया, बल्कि उसकी प्रत्यंचा चढ़ाने के प्रयास में उसे तोड़ दिया। यह देखकर सभी आश्चर्य चकित रह गए। जनक ने प्रसन्न होकर राम को सीता का पति स्वीकार किया। इस दौरान शिव पूजन ग...