दुमका, अप्रैल 28 -- विश्व कल्याणार्थ जरमुंडी प्रखंड के तालझारी बासंती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में भक्ति की अविरल गंगा निरंतर प्रवाहित हो रही है। शिवशक्ति महायज्ञ के संध्याकालीन सत्र में श्रीराम कथा के आयोजन में कथा सुनने वाले धर्मावलंबियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बनारस से आए कथा वाचक महेन्द्र शास्त्री ने सोमवार को सीता स्वयंवर की कथा विस्तार पूर्वक सुनाई। उन्होंने बताया कि मिथिला के राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शर्त रखी थी कि जो भी शिव के दिव्य पिनाक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में अनेक राजाओं के असफल होने के बाद, ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से श्री राम ने शिव धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते समय तोड़ दिया। राजा जनक की शर्त पूरी होने पर सीता ने राम को वरमाला पहना...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.