चंदौली, अप्रैल 8 -- इलिया,हिन्दुस्तान संवाद। इलिया कस्बा में मां काली सेवा समिति द्वारा आयोजित नव दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन मंगलवार को श्री सीताराम विवाह प्रसंग का पंडित मारुति किंकर जी ने भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि मिथिला नगरी में आयोजित स्वयंवर में भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने के बाद जनकपुरी में उत्सव जैसा माहौल बन गया। तत्पश्चात राजा जनक ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ माता सीता का विवाह श्रीराम से संपन्न कराया। इस पावन अवसर पर अयोध्या और मिथिला दोनों ओर हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा। कथावाचक ने कहा कि यह विवाह धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का प्रतीक है, जो पारिवारिक जीवन में प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश ...