सीतामढ़ी, अप्रैल 21 -- सक्षम कुमार वर्मा, सीतामढ़ी। सीता की जन्मभूमि पुनौराधाम स्थित सीता प्रेक्षागृह में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन मंगलवार को रामभद्राचार्य ने सीताराम को एक ही परम ब्रह्म बताते हुए उनके अभेद स्वरूप की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि राम और सीता में कोई भेद नहीं है। दोनों एक ही परम तत्व के दो रूप हैं। उनके इस कथन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा आरंभ करने से पहले जगतगुरु का चरण पादुका पूजन किया गया। मुख्य यजमान जानकी नंदन पाण्डेय द्वारा व्यासपीठ पूजन संपन्न कराया गया। जिसके बाद मंगलाचरण के साथ कथा प्रारंभ हुई। यह भी पढ़ें- मां सीता के जीवन से मिलता है त्याग का संदेश : रामभद्राचार्य इस अवसर पर संजय सरावगी (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) ने भी पहुंचकर गुरुदेव का माल्यार्पण कर पूजन किया। उनके साथ कई जनप्रति...