सीतामढ़ी, अगस्त 17 -- सीतामढ़ी। शिव शिष्य परिवार के तत्वावधान में शहर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 'शिव शिष्यता की पृष्ठभूमि, व्याप्ति एवं प्रयोजन' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे एक हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अर्चित आनंद एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिव शिष्य साहब हरिंद्रानंद जी एवं दीदी नीलम आनंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य वक्ता अर्चित आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान शिव केवल आराधना के विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाले गुरु हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1974 में शिव शिष्य साहब हरिंद्रानंद जी ने भगवान शिव को अपना गुरु स्वीकार किया था, जिसके बाद शिव शिष्यता का संदेश व्य...