प्रयागराज, दिसम्बर 12 -- प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों को एक दशक पहले पास की गई परीक्षा के अंकों की याद आने लगी है। सर्वोच्च न्यायालय ने सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए सभी शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य माना है। भले ही उनकी नियुक्ति 2010 में आरटीई लागू होने के पहले हुई हो। इस बीच केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के आवेदन शुरू होने से शिक्षकों में हलचल बढ़ गई है। समस्या यह है कि प्राथमिक स्तर की सीटीईटी के आवेदन में दो वर्षीय डिप्लोमा के प्राप्तांक-पूर्णांक भरना है जिसके चलते बीएड के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे क्योंकि वह डिग्री कोर्स है। ऐसे में ये...
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