नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- नीरजा चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार रासायनिक प्रतिक्रिया को जिस तरह कोई 'उत्प्रेरक' गति दे देता है, ठीक वही काम मौजूदा राजनीति में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया है। उसने सियासत में एक नई ऊर्जा भर दी है, जिसका लाभ अब विपक्ष को मिल रहा है। यह सब अजीबो-गरीब तरीके से हुआ। प्रधान न्यायाधीश ने 'कॉकरोच' कहा, अगले दिन अभिजीत दीपके ने इस नाम से एक संगठन बना दिया- कॉकरोच जनता पार्टी। छह दिन में ही इसके दो करोड़ 'फॉलोअर्स' हो गए। फिर वह भारत आए, जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ। सख्ती से उससे निपटा गया, जिससे अन्य लोग भी जुड़े। इससे विपक्ष को मौका मिला और वह भी मैदान में उतर गया। पहले नीट का मामला उठा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद माहौल कुछ शांत हुआ, पर 'एसआईआर' को लेकर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा दस महीने में 14 बार आपत्तियां दर्...