नई दिल्ली, जून 19 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक रूप से कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) कई जज व केंद्रीय मंत्रियों के लंदन में आयोजित कथित बैडमिंटन प्रतियोगिता में भाग लेने संबंधी फर्जी व भ्रामक पोस्ट के प्रसार पर रोक लगाई जा सकती है। केंद्र आईटी अधिनियम के तहत जरूरी निर्देश जारी कर सकती है। साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति तेजस करिया की अवकाशकालीन पीठ भारतीय बैडमिंटन संघ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे पूरी तरह झूठे व भ्रामक हैं। यह भी पढ़ें- परीक्षा से पहले टेलीग्राम से प्रतिबंध नहीं हटेंगे : हाईकोर्ट उन्होंने कहा कि इन दावों की तथ्य-जांच की जा चुकी है। वे पूरी तरह गलत पाए गए। उन्होंने पीठ को...