नई दिल्ली, जुलाई 11 -- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भारतीय मध्यस्थता परिषद के गठन में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए शनिवार को उम्मीद जताई कि अब संसद में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने भारतीय मध्यस्थता एवं माध्यस्थम संस्थान के रजत जयंती कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया कि भारत वैकल्पिक विवाद समाधान को न्याय का कोई कमतर विकल्प नहीं, बल्कि न्याय पाने के सामान्य तरीकों में से एक के तौर पर अपनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों को 'ग्रेड' देने और मध्यस्थों को मान्यता देने के लिए 2019 के संशोधन के जरिए भारतीय मध्यस्थता परिषद का सृजन किया गया।सीजेआई ने कहा कि छह साल बाद भी इसका गठन नहीं हो पाया है। विश्वनाथन समिति की सिफारिशों के आधार पर अक्तूबर 2024 में सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गय...