विधि संवाददाता, जुलाई 16 -- पटना हाई कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि अंचल अधिकारी यानी सीओ की रिपोर्ट पर किसी जमाबंदी को रद्द नहीं किया जा सकता है। भूमि की जमाबंदी रद्द कराने के लिए पहले सक्षम न्यायालय में केस दायर करना होगा। हाईकोर्ट के जस्टिस सौरेंद्र पांडेय की एकलपीठ ने वाणी झा, विभूति कुमार और निर्मला देवी की ओर से दायर रिट याचिका पर एक साथ सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। सभी आवेदकों की ओर से अधिवक्ता विनय कांत मणि त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि 20 नवंबर 2006 को पंजीकृत विक्रय पत्र से जमीन की खरीद की गई थी। उनका कहना था कि जमीन विभूति कुमार दास से खरीदी गई। वह बैजनाथ लाल दास के पोते और जगन्नाथ लाल दास के सगे भाई हैं, जिनके नाम पर जमाबंदी चल रही थी। जमीन खरीद के बाद सीओ ने मृतक जगन्नाथ लाल दास के नाम पर चल रही जमाबंदी को रद्द करने ...