कानपुर, मार्च 19 -- कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में 'धरोहर 2026' के तहत 'कलाकृति' नामक धरोहर कला कार्यशाला आयोजित की गई। इसका आयोजन पारंपरिक भारतीय कला रूपों और रंगमंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। 'धरोहर 2026' भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित सप्ताहभर चलने वाला उत्सव है, जिसमें व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाना और छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा की जानकारी दी जाएगी। इसका आयोजन विवि के स्कूल ऑफ क्रिएटिव्स एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स में किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न कला विधाओं पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें मधुबनी चित्रकला, वारली कला और गोंड कला प्रमुख रहीं। इन कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों ने न केवल कला तकनीकों को सीखा, बल्कि उनसे जुड़े...