कानपुर, फरवरी 28 -- कानपुर। आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक के निर्देशन में शनिवार को आयोजित एक दिवसीय निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर में 110 बच्चों को किया गया। शिविर आरोग्य क्लीनिक, सीएसजेएम यूनिवर्सिटी स्वास्थ्य केंद्र व राजकीय बाल गृह में हुआ। इस अवसर पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) की सचिव आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने बताया कि स्वर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण विधा है। डॉ. पाठक ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास शीत ऋतु के अंतिम चरण व वसंत ऋतु के आगमन का सूचक है। इस अवधि में आहार हल्का, सुपाच्य एवं कफनाशक होना चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है व ऋतु परिवर्तन का प्रभाव न्यून होता है। इस अवसर पर राजकीय बाल गृह की शिक्षिका सुमन, स्वास्थ्य केंद्र की सिस्टर ऊषा, धर्मेंद्र, सावि...