नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- यूपी के लखनऊ में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या पर शिकंजा कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से सख्ती के बाद ऐक्शन में आए यूपी एटीएस ने नगर निगम को चिट्ठी भेजकर बिना देरी सफाई कर्मियों का ब्योरा मांगा है। इन सफाई कर्मियों पर दूसरे देश का नागरिक होने का शक है। महापौर सुषमा खर्कवाल और पूर्व डीजीपी भी सवाल उठा चुके हैं। नगर निगम में सफाई कर्मचारी विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के लिए काम करते हैं। इसमें लखनऊ स्वच्छता अभियान और लायन एनवायरो के कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक हैं। इसमें से 5,300 कर्मचारी सफाई कर्मी के रूप में काम करते हैं, जबकि 3,000 कर्मचारी कूड़े के लिए डोर टू डोर कलेक्शन का काम करते हैं। वहीं, नगर निगम में परमानेंट और संविदा के आधार पर काम ...