मुंगेर, मार्च 31 -- तारापुर, निज संवाददाता। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। वर्ष 2006 से लगातार परिषद सदस्य रहे मुख्यमंत्री के इस निर्णय को लेकर शहर से लेकर गांव-कस्बों तक मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोग इसे दूरदर्शी कदम मान रहे हैं, वहीं कई लोगों का कहना है कि बिहार को अभी भी उनके अनुभव और नेतृत्व की आवश्यकता है। प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष अश्विनी राज उर्फ पिंकू मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कदम संवैधानिक परंपरा के अनुरूप है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह निर्णय उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है और इससे संगठनात्मक मजबूती भी बढ़ेगी। शंभु शरण चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नीतीश कुमार क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.