विशेष संवाददाता, जनवरी 31 -- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि विभागीय मंत्री स्तर से मिलने वाली स्वीकृति की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाए 150 से 150 करोड़ तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर से और 150 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की मंजूरी मुख्यमंत्री स्तर से दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र की तर्ज पर 'उत्तर प्रदेश में राज्य गारंटी पॉलिसी' लागू की जाए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समीक्षा के दौरान सभी विभागों से कहा कि वे वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक मंजूर करा लें। परियोजना लागत में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी पर विभाग कारण सहित पुनः अनुमोदन लें।पुराने भवनों में 10% व्यावसायिक निर्माण करने की मिलेगी सहूलियत राज्य सरकार ने शहरों में पुराने भवनों या सालों से बंद पड़े औद्योगिक भवनों को तोड़कर उस पर आवासीय ...