लखनऊ, अगस्त 5 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने मार्च 2023 को समाप्त अवधि के अपने प्रतिवेदन में आबकारी विभाग में अधिकारियों की लापरवाही से ब्याज के दो करोड़ के राजस्व का चूना लगने का खुलासा किया है। रिपोर्ट में नियंत्रक एवं महालेखाकार ने लिखा है कि सितम्बर 2022 से मार्च 2023 के बीच आठ सहायक आबकारी आयुक्त के कार्यालयों के तहत आने वाले डिस्टिलरी व बेवरीज की जांच में क्यूआर कोड का उपयोग के बिना ही मदिरा निर्गत किए जाने का खुलासा हुआ है। उक्त अवधि में क्यूआर कोड के बिना निर्गत की गई मदिरा की बोतलों की कीमत में क्यूआर कोड शुल्क 15 पैसे प्रति बोतल सम्मिलत थी, जिसे विभाग ने 33 से 56 महीने में वसूल कर 3.06 करोड़ की आबकारी राजस्व की राशि कोषागार में जमा कराया था। यह भी पढ़ें- Lucknow News: सीएजी रिपोर्ट :: वाहनों की फिटनेस ...