सराईकेला, जून 25 -- राजनगर। बीते 30 अप्रैल को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की हुई दु:खद मौत के बाद राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में की गई प्रशासनिक कार्रवाई का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। शल्य चिकित्सक डॉ. शिवलाल कुंकल के निलंबन, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के फेरबदल के बाद अस्पताल में सिजेरियन, बंध्याकरण और अन्य छोटे-बड़े ऑपरेशन पूरी तरह ठप हो गए हैं। मरीजों को रेफर करने के अलावा अस्पताल के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को हो रही है। जिन महिलाओं का पहले राजनगर सीएचसी में ही सफल सिजेरियन हो जाता था, उन्हें अब एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर भेजा जा रहा है। इससे समय, दूरी और खर्च तीनों बढ़ गए हैं।

निलंबन के बाद नहीं हुई वैकल्पिक व्य...