नई दिल्ली, मार्च 7 -- असम के कछार जिले में विदेशी घोषित किए जाने के बाद दो साल हिरासत में बिताने वाली एक महिला को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। महिला के वकील ने बताया कि धोलाई विधानसभा क्षेत्र के हवैथांग इलाके की निवासी 59-वर्षीय दीपाली दास नामक महिला को फरवरी 2019 में एक विदेशी अधिकरण (एफटी) द्वारा अवैध प्रवासी घोषित किया गया था। दीपाली असम की पहली घोषित विदेशी है, जिसे एक बार निरुद्ध केंद्र में रखा गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था, ताकि उसे सीएए के तहत भारतीय नागरिकता मिल सके।उसके वकील धर्मानंद देब ने बताया कि अधिकरण के आदेश के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और उसी वर्ष 10 मई को सिलचर के निरुद्ध केंद्र भेज दिया, जहां वह लगभग दो साल तक रही और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 17 मई ...