लखनऊ, अक्टूबर 8 -- मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय में बुधवार को 45 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था लेकिन इसमें से सिर्फ 24 पार्टियों के प्रतिनिधि ही अपना पक्ष रखने पहुंचे। उत्तर प्रदेश के पते पर पंजीकृत ऐसे राजनीतिक दल जिन्होंने छह वर्षों से चुनाव नहीं लड़ा और आय-व्यय का ब्यौरा भी नहीं दिया उन्हें नोटिस जारी किया गया था। सीईओ नवदीप रिणवा के सामने पक्ष रखने पहुंचे दलों के कागजात जांचे गए और उनका पक्ष सुना गया। प्रत्येक दल से अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरणी इत्यादि की जांच की गई। सीईओ ने दलों को बताया कि दलों को हर वर्ष 30 सितंबर तक अपनी अंशदान रिपोर्ट और 31 अक्तूबर तक अपने आय-व्यय की ऑडिट रिपोर्ट देना अनिवार्य है। वहीं लोकसभा चुनाव के 90 दिनों व विधानसभा चुनावों के 7...
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