नई दिल्ली, जनवरी 21 -- उड़ीसा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सीआरपीएफ के उस कांस्टेबल की पत्नी को अनुकंपा के आधार पर हेड कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति दे, जो 2007 में श्रीनगर में हुए एक बम विस्फोट में स्थायी रूप से विकलांग हो गए थे और बाद में उन्हें सेवा से हटा दिया गया था। न्यायमूर्ति दीक्षित कृष्ण श्रीपद और न्यायमूर्ति चितरंजन दास की खंडपीठ ने कहा कि सैनिक इस विश्वास के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं कि यदि उनके जीवन या शरीर को कुछ भी होता है, तो राज्य और नागरिक समाज उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए आगे आएंगे, और यह विश्वास 'डगमगाना' नहीं चाहिए। यह मामला सीआरपीएफ के एक कांस्टेबल से संबंधित है, जो 23 जनवरी, 2007 को श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में स्थायी रूप से विकलांग हो ग...