नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने जीवन और स्वतंत्रता से संबंधित एक मामले में हस्तक्षेप करते हुए यह सुनिश्चित किया कि जेल में बंद आरटीआई याचिकाकर्ता को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिले। आयोग ने जेल अधिकारियों और सुप्रीम कोर्ट की विधिक सेवा समिति को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपीलकर्ता का पक्ष जानना जरूरी है, और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। यह मामला सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत एक आवेदन से संबंधित है, जिसमें अपीलकर्ता ने अपनी अर्जी पर की गई कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। यह भी पढ़ें- डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संबंधी याचिका पर नोटिस हालांकि, निर्धारित समय के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया, और पहली अपील पर भी कोई फैसला नहीं ...