नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के रांची जिले के कांके स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी) के पूर्व निदेशक को कथित भर्ती घोटाले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया और उन पर लगे आरोपों को बहुत गंभीर बताया। न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और पूर्व निदेशक दया राम को दो हफ्ते में कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। पीठ ने राम की ओर से पेश वकील से कहा कि आप पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं। हम अग्रिम जमानत खारिज करने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता पर लगे आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए, हम याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से पहले जमानत की सुविधा देने के इच्छुक नहीं हैं। इस...